हिंदी 100 करोड़ से अधिक लोगो द्वारा समझी बोली पढ़ी लिखी जाने वाली विश्व की दूसरी बड़ी भाषा

विश्व के अधिकृत मान्यता व संयुक्तराष्ट्र के अभिलेख अनुसार हिंदी 70 करोड़ से अधिक लोगो द्वारा बोली जाने वाली विश्व की दूसरी बड़ी भाषा हे, किन्तु अंग्रेजी परस्त सरकारों द्वारा मात्र 100 करोड़ राशी न दे पाने के कारण सयुक्त राष्ट्र में इसे कार्यरूप में लाना लंबित हे जबकि अत्यंत कम बोली जाने वाली अरबी और कई अन्य भाषाए यहा प्रचलित हे।
हिन्दी संवैधानिक रूप से भारत की प्रथम राजभाषा और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। चीनी के बाद यह विश्व में सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा भी है।
हिन्दी और इसकी बोलियाँ पश्चिम, उत्तर एवं मध्य भारत के विविध राज्यों में बोली पड़ी लिखी जाती हैं और दक्षिण के राज्यो में समझी जाती है ।
भारत और अन्य देशों में 100 करोड़ से अधिक लोग हिन्दी बोलते, पढ़ते , लिखते और समझते हैं। फ़िजी, मॉरिशस, गयाना, सूरीनाम की अधिकतर और नेपाल की अधिकांश जनता हिन्दी बोलती है।
हिन्दी राष्ट्रभाषा, राजभाषा, सम्पर्क भाषा, जनभाषा के सोपानों को पार कर विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर है।
भाषा विकास क्षेत्र से जुड़े वैज्ञानिको का निष्कर्ष , हिन्दी प्रेमियों के लिए बड़ी महत्त्व की घोषणा है कि आने वाले समय में विश्वस्तर पर अन्तर्राष्ट्रीय महत्त्व की जो चन्द भाषाएँ होंगी उनमें हिन्दी प्रमुख होगी ।
उल्लेखनीय है कि जहा भारत में स्वयं को आधुनिक दिखाने के लिए कथित तौर पर काले अंग्रेज , अंग्रेजी बोलने का दिखावा करते हे , वही विदेशों में रहने वाले सभी राज्यो के अप्रवासी भारतीय बहुतायत में सामान्य तौर पर बोलचाल व्यवहार हेतू हिंदी का अत्यधिक निसंकोच उपयोग कर गौरवान्वित हो संगठित होते हे।#UNGA