अश्विनी नक्षत्र

अश्विनी       नक्षत्रों में सबसे पहला नक्षत्र (जिसमें तीन तारे होते हैं) एक अप्सरा जो बाद में अश्विनी कुमारों की माता मानी जोने लगी सूर्य पत्नी जो कि घोड़ी के रूप में छिपी हुई थी। सूर्य की पत्नी अश्विनी के यमराज पुत्र। जीवन को व्यवस्थित करने के लिए यदि हम अंतरिक्ष का सहारा लेते हैं, ग्रह-नक्षत्रों पर आश्रित होतें हैं तो इसी परा ज्ञान को ज्योतिष विद्या कहते हैं। मानव शरीर दस अवस्थाओं में विभक्त है भ्रूण शिशु किशोर तरूण गृहस्थ प्रवासी भृतक प्रौढ जरठ एवं मुमूर्षु। इन विभिन्न अवस्थाओं से होता हुआ यही शरीर पूर्णता को प्राप्त….

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वशिष्ठ ऋषि और उनकी वंश परंपरा

वसिष्ठ वैदिक काल के विख्यात ऋषि थे। वसिष्ठ एक सप्तर्षि हैं – यानि के उन सात ऋषियों में से एक जिन्हें ईश्वर द्वारा सत्य का ज्ञान एक साथ हुआ था और जिन्होंने मिलकर वेदों का दर्शन किया (वेदों की रचना की ऐसा कहना अनुचित होगा क्योंकि वेद तो अनादि है)। उनकी पत्नी अरुन्धती है। वह योग-वासिष्ठ में राम के गुरु हैं। वसिष्ठ राजा दशरथ के राजकुल गुरु भी थे। आकाश में चमकते सात तारों के समूह में पंक्ति के एक स्थान पर वशिष्ठ को स्थित माना जाता है। दूसरे (दाहिने से) वशिष्ठ और उनकी पत्नी अरुंधती को दिखाया गया है।….

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परमहंस योगानन्द (5 जनवरी 1893 – 7 मार्च 1952)एक महान आध्यात्मिक गुरू, योगी, संत, लेखक, दिव्यादृष्टा विचारक

Let my soul smile through my heart and my heart smile through my eyes, that I may scatter rich smiles in sad hearts परमहंस योगानन्द (5 जनवरी 1893 – 7 मार्च 1952), बीसवीं सदी के एक महान आध्यात्मिक गुरू, योगी, संत, लेखक, दिव्यादृष्टा विचारक थे। उन्होंने अपने अनुयायियों को क्रिया योग उपदेश दिया तथा पूरे विश्व में उसका प्रचार तथा प्रसार किया। योगानंद के अनुसार क्रिया योग ईश्वर से साक्षात्कार की एक प्रभावी विधि है, जिसके पालन से अपने जीवन को संवारा और ईश्वर की ओर अग्रसर हुआ जा सकता है। योगानन्द प्रथम भारतीय गुरु थे जिन्होने अपने जीवन के….

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वेद उपनिषदों के महामंत्र

ॐ ब्रह्मानन्द परम सुखदं, केवलं ज्ञानमूर्तिं, द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं, तत्त्वमस्यादिलक्ष्यम्। एकं नित्यं विमलमचलं, सर्वधीसाक्षिभूतं, भावातीतं त्रिगुणरहितं, सद्गुरू तं नमामि॥ अखण्डानन्दबोधाय, शिष्यसंतापहारिणे। सच्चिदानन्दरूपाय, तस्मै श्री गुरवे नमः ॐ गुरुर्ब्रह्मा गुुरुर्विष्णुः, गुरुरेव महेश्वरः। गुरुरेव परब्रह्म, तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ अखण्डमण्डलाकारं, व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं दर्शितं येन, तस्मै श्री गुरवे नमः ॐ आयातु वरदे देवि! त्र्यक्षरे ब्रह्मवादिनि। गायत्रिच्छन्दसां मातः, ब्रह्मयोने नमोऽस्तु ते ॥ ॐ स्तुता मया वरदा वेदमाता, प्रचोदयन्तां पावमानी द्विजानाम्। आयुः प्राणं प्रजां पशुं, कीर्तिं द्रविणं ब्रह्मवर्चसम्। मह्यं दत्त्वा व्रजत ब्रह्मलोकम्। – अथर्व० १९.७१.१ ॐ अभीप्सितार्थसिद्ध्यर्थं, पूजितो यः सुरासुरैः। सर्वविघ्नहरस्तस्मै, गणाधिपतये नमः सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये, शिवे सर्वार्थसाधिके! शरण्ये त्र्यम्बके गौरि, नारायणि! नमोऽस्तु ते ॥….

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वेद एवं उपनिषदों के महा मंत्र ज्ञान के अजस्त्र स्त्रोत महासागर

। सं गच्छध्वम् सं वदध्वम्।। (ऋग्वेद 10.181.2) अर्थात: साथ चलें मिलकर बोलें। उसी सनातन मार्ग का अनुसरण करो जिस पर पूर्वज चले हैं। प्रथम श्लोक… श्लोक : ।।ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्।। -ऋग्वेद अर्थ : उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अंत:करण में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे। इस मंत्र या ऋग्वेद के पहले वाक्य का निरंतर ध्यान करते रहने से व्यक्ति की बुद्धि में क्रांतिकारी परिवर्तन आ जाता है। उसका जीवन अचानक ही बदलना शुरू हो जाता है। यदि व्यक्ति किसी भी….

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SAWAMI VIVEKANANAD THE GREATEST SAINT FOREVER !!!

स्वामी विवेकानन्द ( बांग्ला: স্বামী বিবেকানন্দ  जन्म: १२ जनवरी,१८६३ – को कुलीन कायस्थ परिवार में,  ब्रह्मलीन : ४ जुलाई,१९०२ ) विवेकानन्द वेदान्त के विख्यात दार्शनिक, सनातन धर्म के महान विचारक  , प्रभावशाली उपदेशक , युगदृष्टा संत , ब्रह्मज्ञानी आध्यात्मिक गुरु थे। उनका सांसारिक जन्म नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था। उन्होंने अमेरिकास्थित शिकागो में सन् १८९३ में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। भारत का आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वेदान्त दर्शन अमेरिका और यूरोप के हर एक देश में स्वामी विवेकानन्द की वक्तृता के कारण ही पहुँचा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की….

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ॐ शांति शांति शांति सर्वत्र चहुँ और शांति की प्रार्थना

ॐ ! विश्वानि देव  सवितर्दुरितानि परा  सुव ! यद् भद्रंतन्न आ  सुव* !! ॐ ! हे सकल जगत के उत्पत्तिकर्ता ,  समस्त  ऐश्वर्यो  व  सुखो  के  दाता  सर्वशक्तिमान  सूर्य देव ! आप कृपा करके हमारे समस्त दुर्गुण , दुर्व्यसन , दुर्दिनों  एवम  दुःखो  को दूर  कर दीजिये , और  जो कुछ अच्छा  और  कल्याणकारी  है  वह  हमें प्राप्त  कराइए ! Om. vishvani deva savitar-durtani parasuva. Yad bhadram tanna asuva. Om. O God, the creator of the universe and the Giver of all hapiness. Keep us far from bad habits, bad deeds, and calamities. May we attain everything that is auspicious ॐ द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षँ शान्ति:, पृथ्वी शान्तिराप: शान्तिरोषधय: शान्ति: वनस्पतय: शान्तिर्विश्वे देवा: शान्तिर्ब्रह्म शान्ति:, सर्वँ….

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शुभ दीपावली

ॐ असतो मा सद्गमय । तमसो मा ज्योतिर्गमय । मृत्योर्मा अमृतं गमय । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ ” है परमपिता परमात्मा ईश्वर ॐ हम सभी को असत्य से सत्य की राह दिखाना, हम सभी को अज्ञानता से ज्ञान की और ले जाना, हम सभी को मृत्यु से अमरत्व तक ले चलना| ॐ शांति शांति शांति||” ” Om, Lead us from Unreality (of Transitory Existence) to the Reality (of the Eternal Self), Lead us from the Darkness (of Ignorance) to the Light (of Spiritual Knowledge), Lead us from the Fear of Death to the Knowledge of Immortality. Om Peace, Peace,….

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“निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है” भारतीय नागरिकों, लोकतंत्र की बहूत बड़ी जीत

सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्य संविधान पीठ ने एकमत लैंडमार्क ऐतिहासिक फैसले में कहा कि निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सम्मान से जीवन जीने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पूरे भाग तीन का स्वाभाविक अंग है, सुप्रीम कोर्ट की 9 सदस्य संविधान पीठ ने सरकार की दलील और पूर्व के दोनों निर्णय ख़ारिज करते हुए कहा कि “निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है” और यह सम्मान से जीने के अधिकार अनुच्छेद 21 में सम्मिलित है, जीवन और निजी स्वतंत्रता का अधिकार एक दूसरे से अलग नहीं किए जा सकते हैं. ये वो अधिकार हैं जो मनुष्य के….

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क्या है आधार, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, होगा 30 जून से आधार अनिवार्य

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में साफ कर दिया है कि 30 जून से आधार को अनिवार्य कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कोर्ट को बताया कि अलग-अलग समाज कल्याण योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने संबंधी 30 जून की समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ के सामने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि वेलफेयर स्कीम के लिए आधार को अनिवार्य बनाने का मकसद यही है कि इसका लाभ उन लोगों तक नहीं पहुंचे जो अस्तित्व में ही नहीं हैं, जैसा कि सार्वजनिक….

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