भारतीय संसकृति में सर्वाधिक महत्ता है शांति पाठ मन्त्र की

शान्ति मन्त्र वेदों के वे मंत्र हैं जो शान्ति की प्रार्थना करते हैं। प्राय: सनातन  धर्म   हिन्दुओं के  धार्मिक कृत्यों के आरम्भ और अन्त और् महत्व पल  इनका पाठ किया जाता है। Shanti Mantras are found in Upanishads, where they are invoked in the beginning of some topics of Upanishads. They are supposed to calm the mind of reciter and environment around him/her. Reciting them is also believed to be removing any obstacles for the task being started. Shanti Mantras always end with three utterances of word “Shanti” which means “Peace”. The Reason for uttering three times is for….

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श्री राम नवमी महापर्व पर मंगलकामनाए : नौमी तिथि मधुमास पुनीता, सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता। मध्य दिवस अति सीत न घामा, पावन काल लोक बिश्रामा।।

श्री राम (रामचन्द्र), प्राचीन भारत में अवतरित, सनातन भगवान हैं।  सनातन हिन्दू धर्म में, श्री राम, भगवान् विष्णु के १० अवतारों में से सातवें हैं। श्री राम का जीवनकाल एवं पराक्रम, महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित, संस्कृत महाकाव्य रामायण के रूप में लिखा गया है| उन पर तुलसीदास ने भी भक्ति काव्य श्री रामचरितमानस रचा था। खास तौर पर सम्पूर्ण  भारत में श्री राम बहुत अधिक पूजनीय हैं। श्री रामचन्द्र हिन्दुओं के आदर्श पुरुष हैं। श्रीराम, अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के सबसे बडे पुत्र थे। श्रीराम की पत्नी का नाम सीता था (जो लक्ष्मी का अवतार मानी जाती….

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देवी माँ के सिद्ध 52 शक्तिपीठ

प्रजापति दक्ष की पुत्री के रूप में माता जगदम्बिका ने सती के रूप में जन्म लिया, और भगवान शिव से विवाह किया। दक्ष अपने दामाद शिव को हमेशा निरादर भाव से देखते थे। एक यज्ञ में जब दक्ष ने सती और शिव को न्योता नहीं दिया, फिर भी सती अपने पिता के पास पहुंच गई। इस पर दक्ष ने शिव के विषय में सती के सामने ही अपमान जनक बातें करने लगे। सती को यह सब बर्दाश्त नहीं हुआ और वहीं यज्ञ कूंड में कूद कर अपने प्राण त्याग दिए। यह खबर सुनते ही शिव ने वीरभद्र को भेजा, जिसने….

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लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती आचार्य सोहन लाल द्विवेदी

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती आचार्य सोहन लाल द्विवेदी नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है मन का विश्वास रगों में साहस भरता है चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना न अखरता है आख़िर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाता है जा जा कर खाली हाथ लौटकर आता है मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में बढ़ता दुगना उत्साह इसी हैरानी में मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती असफलता एक चुनौती है,….

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गायत्री मंत्र साधना

गायत्री मंत्र    वेद का अत्यंत  महत्त्वपूर्ण मंत्र है जिसकी महत्ता ॐ के लगभग बराबर मानी जाती है। यह यजुर्वेद के मंत्र ॐ भूर्भुवः स्वः और ऋग्वेद के छंद 3.62.10 के मेल से बना है। इस मंत्र में सवित्र देव की उपासना है इसलिए इसे सावित्री भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस मंत्र के उच्चारण और इसे समझने से ईश्वर की प्राप्ति होती है। ‘गायत्री’ एक छन्द भी है जो ऋग्वेद के सात प्रसिद्ध छंदों में एक है। इन सात छंदों के नाम हैं- गायत्री, उष्णिक्, अनुष्टुप्, बृहती, विराट, त्रिष्टुप् और जगती। गायत्री छन्द में आठ-आठ….

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जय माँ श्री गढ़कालिका देवी सदा प्रसन्न रहे ॐ एं ह्रीम श्रीम् क्लिं चामुण्डायै विच्च्ये !!

ईशावास्यमिदं सर्वं यत्किञ्चजगत्यांजग्त् , तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृध: कस्यस्विद्धनम्।। “इस चराचर जगत् में जो कुछ भी विधमान है जड़ चैतन्य वह सब ईश्वर द्वारा आच्छदित है, ईश्वर का ही है, अतः लालच न् करो, त्यागपूर्वक उपभोग करो जय श्री महाकाल 🚩🔱🕉🔔

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वर्ष प्रतिपदा पर भगवा ध्वज लहराए, लोगो ने एक दुसरे को शुभकामनाये दे, सनातन भारतीय नववर्ष का आनंद उत्सव मनाया

सनातन काल से शास्त्रों संस्कृति और परंपरा अनुसार भारतीय नव वर्ष का प्रारंभ चेत्र प्रतिपदा जिसे वर्ष प्रतिपदा कहा जाता हे, से होता हे इस दि भगवा ध्वज लहराया जा कर शुभकामनाये दी जाती हे उत्सव मनाया जाता हे चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा या वर्ष प्रतिपदा या उगादि (युगादि) कहा जाता है। इस दिन हिन्दु नववर्ष का आरम्भ होता है। ‘गुड़ी’ का अर्थ ‘विजय पताका’ होता है। कहते हैं शालिवाहन नामक एक कुम्हार-पुत्र ने मिट्टी के सैनिकों की सेना से प्रभावी शत्रुओं का पराभव किया। इस विजय के प्रतीक रूप में शालिवाहन शक का प्रारंभ इसी….

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पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य रचित युगनिर्माण सत्संकल्प में सम्पूर्ण सनातन उदेश्यो मूल्यों आदर्शो का, सरल सहज आचरण पद्धति के, स्वरुप में समावेश हे

व्यक्तित्व चरित्र, योग स्वास्थ्य, वैज्ञानिक आध्यात्मवाद, सनातन संस्कृति, मानव मूल्य आदि विषयो के पुरोधा लेखक, दार्शनिक युगदृष्टा संत सुधारक युगऋषि, वेदमुर्ति तपोनिष्ठ, गुरुदेव् पण्डित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने, सनातन ऋषि स्तरीय तपस्या, का अनुशासित जीवन जीते हुए, सर्वोच्च आध्यात्मिक श्रेष्ठता अर्जित की, सम्पूर्ण मानवता को सन्मार्ग में प्रेरित किया, सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का मार्ग प्रवर्त किया, जिन्होने बदलते समय के अनुसार हमारे दृष्टिकोण को, विचारों को, संवेदनशीलता का विस्तार करने के लिये, जीवन को बदलने के लिये, देवो के लिए ब्रह्मज्ञान के सामान अतुलनीय, 4000 से अधिक सत्साहित्य पूस्तको का सृजन किया, वेदों उपनिषदों योग् सूत्र सांख्य दर्शन….

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नोटा से bhi बदतर् वोट दे, इरोम को मणिपुरियो ने नाकारा

मानव अधिकारों  और धारणा दृष्टिकोण की, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रबल पक्षधर हूँ, किन्तु शायद पहली बार में  विचारो में कुछ पुनर्विचार चाहता हूँ, देश के सीमावर्ती राज्यो, विशेषकर उत्तर पूर्वी राज्यो की जमीनी स्थिति अत्यधिक ज्वलनशील और भयावह हे,  उन प्रदेशो में जनमत से चुनी जनजातीय सरकारों की महत्वकांशाये, कश्मीर की शेख अब्दुल्ला सरकार से अधिक भिन्न नहीं रही,     वे एक तरफ तो भारत के ध्वज को प्रणाम् करते रहे है, दूसरी ओर अलगाववाद के बीज भी अपने  व्याक्क्तिगत स्वार्थ की खातिर बोते रहे, क्या है     AFSPA Armed Forces (Special Powers) Acts (AFSPA), are Acts….

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सायबर सुरक्षा, रफ़्तार और पहुँच से जुड़ा इन्टरनेट इंफ़्रास्ट्रक्चर तैयार करे बिना कैशलेस या डिजीटल व्यवहार यथार्त में परिणित होना दुष्कर

भारत में स्मार्टफ़ोन की संख्या 2016 के अंत तक 20 करोड़ पर पहुंचने की संभावना है, कई लोगो के पास दो दो तीन तीन या और अधिक मोबाइल हे. देश में इंटरनेट की स्थिति अत्यंत दयनीय है, यहा इंटरनेट भी देश की 5 प्रतिशत आबादी की पहुंच तक भी नहीं है और सायबर सुरक्षा के प्रबंध तो बिलकूल ही विकसित नहीं हे. ऐसे में स्पष्टतः बड़ी आबादी अब भी इससे दूर है और ज़्यादातर लोग फ़ीचर फ़ोन रखते हैं.  ऐसे लोग इंटरनेट के बिना भी डिजिटल बैंकिंग तक पहुंच सकते हैं, कहा जा रहा है कि कोई भी आम आदमी….

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